भिंड। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कलेक्ट्रेट शाखा की कतार में लगे 71 वर्षीय रिटायर्ड फौजी को अचानक चक्कर आए, जिससे वे नीचे गिरे। आनन-फोनन में उन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना गुरुवार सुबह 9 बजे की है।
रिटायर्ड फौजी के साथ उनका नाती भी था। नाती ने बताया उसके बाबा 12 हजार रुपए जमा करने आए थे और अकाउंट से पेंशन निकालना थी। नाती का कहना है मृतक 2 दिन पहले भी बैंक आए थे, लेकिन भीड़ के कारण उनका नंबर नहीं आ सका था। परिजन अस्पताल से रिटायर्ड फौजी के शव को बिना पीएम कराए ही घर ले गए।
यह है पूरा मामला
फूफ के गढ़ा गांव निवासी रिटायर्ड फौजी बाबूलाल वाल्मीकि 71 पुत्र बुद्ध सिंह आर्मी से रिटायर्ड हैं। श्री वाल्मीकि के नाती रोहताश वाल्मिकि ने बताया कि उनके बाबा गुरुवार को 12 हजार रुपए जमा करने और पेंशन निकालने के लिए कलेक्ट्रेट स्थित एसबीआई आए थे। यहां सुबह 8 बजे कतार में लग गए। कतार में लगे-लगे ही सुबह करीब 9 बजे उन्हें चक्कर आए और वे नीचे फर्श पर गिर पड़े। नीचे गिरते ही लोगों की भीड़ लग गई।
इस दौरान किसी ने फोन कर एंबुलेंस बुलाई। एंबुलेंस से रिटायर्ड फौजी को जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने नब्ज टटोली तो श्री वाल्मीकि की मौत हो चुकी थी। नाती रोहताश का कहना है कि डॉक्टर ने उन्हें बताया कि बाबा की मौत भीड़ में खड़े होने से घबराहट के कारण हार्टअटैक आने से हुई है। रोहताश अपने बाबा का शव अस्पताल से बिना पीएम कराए घर ले गए।
2 दिन पहले भी लगे कतार में, नंबर नहीं आया
रोहताश का कहना है कि उनके बाबा 2 दिन पहले भी बैंक आए थे। रुपए जमा करने और पेंशन निकालने के लिए कतार में लगे रहे, लेकिन उनका नंबर नहीं आ पाया था। इस कारण वे गुरुवार को सुबह गांव से जल्दी बैंक में आ गए थे और कतार में लग गए, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि इस बार कतार में लगना बाबा की जिंदगी पर भारी पड़ जाएगा।

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